बाराबंकी: बुढ़वल में नई चीनी मिल लगने का साफ हो गया रास्ता, प्रदेश सरकार के बजट में मिले 50 करोड़ रुपये

प्रदेश सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को पेश किए गए बजट में बाराबंकी की बुढ़वल चीनी मिल के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने बुढ़वल में नई चीनी मिल लगाने के लिए 50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। बुढ़वल में 5000 टीसीडी क्षमता की नई चीनी मिल स्थापित की जाएगी। ज्ञातव्य है कि वर्ष 1930 में कानपुर के उद्योगपतियों ने बुढ़वल चीनी मिल की स्थापना करवाई थी। शुरु में ही करीब एक हजार लोगों को रोजगार देने के साथ ही यह मिल क्षेत्र व जिले के किसानों की समृद्धि की प्रतीक बनी थी। साल 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मिल के विस्तारीकरण के लिए करीब 62 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कराया था। इसके लिए करीब 100 किसानों से जमीन ली गई।  मगर मिल का विस्तारीकरण या नवीनीकरण नहीं हुआ। करीब 62 एकड़ जमीन तब से अब तक वीरान पड़ी है। वर्ष 2007-08 में पेराई बंद कर कर्मियों को वीआरएस दे दिया गया। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट में यह घोषणा की थी कि बुढ़वल मिल का संचालन फिर से होगा। बृहस्पतिवार को योगी सरकार द्वारा जारी किए गए बजट में अन्य बिंदुओं का कार्यान्वयन के तहत हुई घोषणाओं में बुढ़वल चीनी मिल के संचालन का प्रस्ताव जारी किया गया है। इसके अनुसार बुढ़वल में 5000 टीसीडी क्षमता की नई चीनी मिल, रिफाइड शुगर, कोलन प्लांट व आसवनी के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित किया गया है।

गन्ना किसानों को होगा सीधा लाभ

बुढ़वल चीनी मिल के संचालन से क्षेत्र व जिले के हजारों गन्ना किसानों को जिले के बाहर अपना गन्ना नहीं जे जाना पड़ेगा। इससे बुढ़वल व रामनगर के विकास में भी गति आएगी। मिल के बाहर भी रोजगार के सूजन का रास्ता साफ होगा।