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1.25 करोड़ ब्रांडेड शराब के क्यूआर कोड, दस लाख ढक्कन, 40 बोरी बॉडी ढक्कन के अंदर लगने वाले वॉशर और 16 मशीने बरामद की गई हैं। एक बोरी में 1 लाख वॉशर आते हैं। इस तरह 10 लाख वाशर बरामद किए गए।
नकली शराब से भरी बोतल को ब्रांडेड की तरह बेचने में प्रयोग होने वाले 1.25 करोड़ क्यूआर कोड, 10 लाख ढक्कन व 40 लाख वॉशर संग पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी कीमत दो करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। 25 मार्च को महाराजपुर में ब्रांडेड शराब की बोतलों के 25 हजार ढक्कन और 50 हजार क्यूआर कोड के साथ फतेहपुर निवासी राजीव कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। गिरोह की तलाश के लिए अंडरट्रेनी सीओ सृष्टि सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। पूछताछ में पता चला कि दिल्ली के नागलोई में नकली क्यूआर कोड व ढक्कन की फैक्ट्री चल रही है। आउटर पुलिस के साथ एसटीएफ, आबकारी टीम भी लगी। इटावा- औरैया की पुलिस टीमों को भी दिल्ली भेजा गया। यहां से दिल्ली निवासी वीरेन्द्र कुमार राय, मुकेश कुमार मित्तल व अशोक कुमार चौहान को गिरफ्तार किया गया। वीरेन्द्र और मुकेश पार्टनर हैं और अशोक ने सराय रोहेल्ला दिल्ली में अलग फैक्ट्री लगा ली थी। दोनों फैक्ट्रियों में छापेमारी के दौरान बड़ी सफलता मिली। गिरफ्तारी के लिए अपर मुख्य सचिव होम अवनीश अवस्थी और डीजीपी मुकुल गोयल ने एसपी आउटर को एक-एक लाख रुपये का इनाम का ऐलान किया है।
हत्याकांड से खुली ढक्कन क्यूआर कोड की कहानी
ढक्कन और क्यूआर कोड बनाने वाले फैक्टरी संचालकों के धंधे का राज एक हत्याकांड से खुला। हत्याकांड के आरोपितों की तलाश कर रही पुलिस को नकली ढक्कन और क्यूआर कोड सप्लाई करने वाले के बारे में जानकारी हुई थी। पुलिस ने तहकीकात की तो पता चला कि दिल्ली में फैक्टरियां चल रही हैं। तीनों की गिरफ्तारी के बाद करोड़ों के काले कारोबार का राज खुला।
बोतलों पर डिस्टलरी का भी नामः
दिल्ली में पकड़े गए आरोपित कई बड़े और मध्यम ब्रांड की शराब के ढक्कन और क्यूआर कोड तैयार करते थे। उसे असली दिखाने के लिए ब्रांड के नाम के अलावा डिस्टलरी का भी नाम छाप देते थे। दिल्ली से गिरफ्तार अशोक की फैक्टरी पांच मंजिला है।
दूसरे प्रदेशों में हो रही थी सप्लाई:
कानपुर के अलावा हमीरपुर, गोरखपुर, वाराणसी, फतेहपुर में इनकी सप्लाई थी। यहां से पाण्डुचेरी, बंगलुरू, कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई प्रदेशों में सप्लाई कर रहे थे।