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- जिला आबकारी अधिकारी समेत 26 अफसर-कर्मचारी प्रथम दृष्टया दोषी ठहराए गए हैं।
- शराब के धंधे के सरगना सहित 87 आरोपित भेजे गए थे जेल, एक की हो चुकी मौत और एक जमानत पर।
पिछले वर्ष जहरीली शराब पीने से जिले में 106 लोगों की मौत की मजिस्ट्रियल जांच 10 माह में पूरी हुई है। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने शासन को जांच रिपोर्ट भेज दी है। इस पर कार्रवाई का निर्णय शासन स्तर से होना है। जाँच अधिकारी एडीएम प्रशासन डीपी पाल ने जाँच रिपोर्ट में नकली शराब के धंधे से जुड़े लोगों को संगठित गिरोह बताया है। जाँच अधिकारी ने पुलिस, राजस्व, आबकारी विभाग व मृतकों के स्वजन के बयान लिये। ग्रामीण व पोस्टमॉर्टम में लगे डॉक्टरों के भी बयान लिए गए। अखबार में प्रकाशित खबरों की कटिंग, जन साधारण लोग, एफआईआर का भी सहयोग लिया गया। इसमे पता लगा कि जिले की कुछ शराब की दुकानें ऐसे लोगों के हाथों में थी, जिनके द्वारा डिस्टिलरी से गुड इवनिंग ब्रांड की देशी शराब के साथ-साथ नकली रैपर,बोतल, बार कोड का उपभोग कर नकली शराब तैयार करायी जा रही थी। इस शराब की बिक्री आरोपितों की दुकानों पर होती थी। एक संगठित गिरोह पिछले काफी समय से इस धंधे को संचालित कर रहा था। जहरीली शराब की आपूर्ति की गई। आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने शासकीय दायित्वों का पालन न करते हुए घोर लापरवाही की है। दोनो विभागों के संबंधित जिम्मेदार प्रथमदृष्टया दोषी हैं।
यह अफसर-कर्मचारी मिले हैं प्रथम दृष्टया दोषी-
- जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा,
- आबकारी निरीक्षक क्षेत्र अतरौली अवनीश कुमार पांडेय,
- आबकारी निरीक्षक गभाना चंद्र प्रकाश यादव,
- आबकारी निरीक्षक लोधा, खैर व टप्पल राजेश कुमार यादव,
- आबकारी सिपाही रामराज राना, अशोक कुमार, नितेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार शर्मा, योगेंद्र सिंह,
- तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अकराबाद रजत कुमार शर्मा,
- प्रभारी निरीक्षक खैर प्रवेश कुमार,
- प्रभारी निरीक्षक गभाना सुबोध कुमार,
- प्रभारी निरीक्षक टप्पल प्रवीन कुमार मान,
- थानाध्यक्ष जवां चंचल सिरोही,
- थानाध्यक्ष लोधा अभय कुमार शर्मा,
- चौकी प्रभारी जट्टारी शक्ति राठी,
- चौकी प्रभारी जवां अरविंद कुमार, चौकी प्रभारी पनैठी सिद्धार्थ कुमार,
- हेड मुंशी लोघा उम्मेद सिंह, आरक्षी श्रवण कुमार, आलोक कुमार, घनेंद्र, एहतेशाम खां, अमित कुमार, रोहित कुमार व विक्की शर्मा।
- इन सभी के तबादले हो चुके हैं। इनमें से से कुछ अफसर व कर्मचारी घटना के बाद से ही निलंबित चल रहे हैं।
शराब प्रकरण में कार्रवाई-
- पुलिस ने 33 मुकदमे खैर, लोधा, पिसावा, गभाना, जवां , महुआखेड़ा, क्वारसी थानों में दर्ज किए।
- 87 आरोपितों को गिरफ्तार कर भेजा गया था जेल।
- 85 आरोपित जेल मे हैं । एक को जमानत मिल गई। एक की मौत हो गई है।
- सभी मुकदमे ट्रायल पर है, गवाही की प्रक्रिया चल रही है।
- आरोपितों की सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
- मुख्य आरोपित ऋषि शर्मा को अंबेडकरनगर जेल भेजा गया है।
- मुनीश शर्मा को सेंट्रल जेल बनारस और अनिल को प्रयागराज जेल में शिफ्ट किया गया है।
घटना की पुनरावृत्ति रोकने को जांच रिपोर्ट में सुझाव-
- मिलावट रोकने के लिए देशी शराब की बिक्री ट्रेट्रा पैक में कराई जाए।
- ठेकों के संचालन से पहले अनुज्ञापी व व उनके स्वजन की जांच हो।
- अवैध शराब बिक्री रोकने को पुलिस व आबकारी विभाग सूचना तंत्र विकसित करे।
- शराब की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और जिला स्तर के कंट्रोल रूम से निगरानी हो।
- दुकानों पर प्वाइंट आफ सेल मशीन लगवाई जाए।
- एल्कोहल पर नियंत्रण के लिए नीति बनाई जाए।